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Showing posts from March, 2026

Durga Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi (जय अम्बे गौरी)

🙏 Durga Ji Ki Aarti Durga Ji Ki Aarti is one of the most powerful devotional prayers dedicated to Maa Durga. It is commonly recited during daily पूजा and especially during Navratri to seek blessings, strength, and protection. 🪔 Jai Ambe Gauri Aarti Lyrics जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोऊ नैना, चंद्रवदन नीको॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी। सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥ कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती। कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥ शुम्भ-निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती। धूम्रविलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु-कैटभ दोऊ मारे, सुर भयहीन करे॥ ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी। आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥ चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरू। बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरू॥ तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता। भक्तन की दुख हरता, सुख संपत्ति करता॥ भु...

Daily Aarti Collection | Morning & Evening Aarti List

🙏 Daily Aarti Collection Here is a collection of daily aartis that can be recited every morning and evening. These aartis help bring peace, positivity, and spiritual balance to your daily life. 🌅 Morning Aarti Ganesh Aarti Lyrics Shiv Aarti Lyrics Vishnu Aarti (Om Jai Jagdish Hare) 🌇 Evening Aarti Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics Hanuman Aarti Lyrics Lakshmi Aarti Lyrics 🌼 About Daily Aarti Daily aarti is an important part of Hindu rituals. It is performed to worship God with devotion, bringing positivity, peace, and spiritual energy into life. Regular recitation of aarti helps maintain mental calmness and strengthens faith.

Shiv Aarti Lyrics in Hindi | ॐ जय शिव ओंकारा

🙏 शिवजी की आरती (ॐ जय शिव ओंकारा) ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन, चतुरानन, पंचानन राजे। हंसानन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ दो भुज, चार चतुर्भुज, दस भुज अति सोहे। त्रिगुण रूप निरखता, त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ अक्षमाला, वनमाला, मुण्डमाला धारी। चंदन मृगमद सोहै, भाले शशीधारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघम्बर अंगे। सनकादिक, गरुणादिक, भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूल धर्ता। जगकर्ता, जगभर्ता, जग संहारकर्ता॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, जानत अविवेका। प्रणवाक्षर मध्ये, ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ काशी में विश्वनाथ विराजत, नन्दी ब्रह्मचारी। नित उठि भोग लगावत, महिमा अति भारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ त्रिगुण शिवजी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ 📖 शिव आरती का अर्थ यह आरती भगवान शिव की महिमा का वर्णन करती है। इसमें उनकी सृष्टि के रक्षक और संह...

Lakshmi Aarti Lyrics in Hindi | ॐ जय लक्ष्मी माता

🙏 श्री लक्ष्मी माता की आरती ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ जिस घर में तुम रहती, तहँ सब सद्गुण आता। सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता। रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता। उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 📖 लक्ष्मी माता की आरती का अर्थ यह आरती माता लक्ष्मी की स्तुति है जो धन, समृद्धि और सुख की देवी हैं। इसमें उनकी कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना की जाती है। 🌼 Ben...

Hanuman Aarti Lyrics in Hindi | आरती कीजै हनुमान लला की

🙏 हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपै। रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥ दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सीय सुधि लाये॥ लंका सो कोटि समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥ लंका जारि असुर संहारे। सियाराम जी के काज संवारे॥ लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। लाय सजीवन प्राण उबारे॥ पैठि पाताल तोरि जम कारे। अहिरावन की भुजा उखारे॥ बायें भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे॥ सुर नर मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे॥ कंचन थाल कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥ जो हनुमान जी की आरती गावै। बसि बैकुंठ परम पद पावै॥ 📖 हनुमान आरती का अर्थ यह आरती भगवान हनुमान जी की वीरता और भक्ति का वर्णन करती है। इसमें उनके द्वारा भगवान राम के कार्यों को पूर्ण करने की महिमा बताई गई है। 🌼 Benefits of Hanuman Aarti भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है शनि दोष में राहत मिलती है 🕉️ कब करें हनुमान जी की आरती? हनुमान ज...

Ganesh Aarti Lyrics in Hindi | जय गणेश देवा

🙏 गणेश जी की आरती जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त, चार भुजा धारी। मस्तक सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी॥ पान चढ़ें, फूल चढ़ें, और चढ़ें मेवा। लड्डुवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥ अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया। बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥ दीनन की लाज राखो, शम्भु सुत वारी। कामना को पूरा करो, जगत बलिहारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ सूर श्याम शरण आये, सफल कीजे सेवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ 📖 गणेश जी की आरती का अर्थ यह आरती भगवान गणेश जी की स्तुति है। इसमें भक्त उनकी कृपा, बुद्धि और विघ्नों को दूर करने की शक्ति की प्रार्थना करता है। 🌼 Benefits of Ganesh Aarti जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है नए कार्यों में सफलता मिलती है 🕉️ कब करें गणेश जी की आरती? गणेश जी की आरती सुबह और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले करना सबसे उत्तम माना जाता है। ...

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi | Vishnu Ji Ki Aarti

श्री जगदीश आरती ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ओम जय... जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ओम जय... मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥ ओम जय... तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥ ओम जय... तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खलकामी, कृपा करो भर्ता॥ ओम जय... तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ओम जय... दीनबन्धु दुःखहर्ता, ठाकुर तुम मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ओम जय... विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ओम जय... तन-मन-धन सब है तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा। तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा॥ ओम जय... 📖 विष्णु आरती का अर्थ यह आरती भगवान विष्णु की स्तुति है जिसमें उनकी कृपा, रक्षा और पालन करने की शक्ति का वर्णन किया गया है। 🌼 Benefits of Vishnu Aa...